संवाददाता अजय भाबर।
गंधवानी/धार (मध्यप्रदेश)। सपने सच करने के लिये पहले सपने देखना बहुत जरूरी है, जहां आज भी छोटे ग्रामीण तबके के लोग कम ही बड़े सपने देख पाते है लेकिन सिंघाना के पास एक छोटे से गांव आंजनिया की बेटी चयनिका मुवेल पिता लालू मुवेल ने न सिर्फ सपना देखा बल्कि उसे साकार भी किया है और अब गांव से पहली डाक्टर बनेगी।
चिकित्सा क्षेत्र की सबसे बड़ी होने वाली NEET (नीट) परिक्षा का 4 जुन को रिजल्ट घोषित हुआ है जिसमें चयनिका मुवेल का चयन हुआ है और 402 अंक प्राप्त हुये है। उनके पिताजी कृषि कार्य के साथ ठेकेदारी का कार्य करते है वहीं माता जी गृहणी है।
चयनित की प्रारंभिक शिक्षा सिंघाना और मनावर मे ही हुयी है, और यह सफलता दूसरे प्रयास में प्राप्त हुई है। NEET मे चयन होने से परिवारजनों, गुरूजनों, मित्रों के साथ ही पुरे गांव में हर्ष का माहौर है। चयनिका न सिर्फ गांव के बच्चों के लिये बल्कि पुरे आस पास के क्षेत्र मे प्रेरणा स्त्रोत की मिसाल बनेगी।
' द ट्राइबल पोस्ट ' राष्ट्रीय समाचार पत्र से बात करते हुए चयनिका ने बताया कि उसका सपना है, कि बस अब अच्छा कालेज मिल जायें और अपनी शिक्षा पुरी करने के बाद उसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा का स्तर बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों मे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना रहेगा।