संवाददाता गेंदालाल माकोड़े।
धामनोद, धार (मध्यप्रदेश)। इंदौर स्थित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हॉस्टल कैंपस के छात्रों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। चयनित छात्रों में विजय करंजिया ग्राम जमोड़ी, जिला देवास से हैं। विजय एक गरीब किसान मजदूर परिवार से ताल्लुक रखते हैं और अपनी मेहनत और लगन से यह सफलता अर्जित की है।
वालसिंह कनेश ग्राम बिलझरी, तहसील सोंडवा, जिला अलीराजपुर से हैं। वालसिंह ने अलीराजपुर जो कि प्रदेश का सबसे अशिक्षित क्षेत्र माना जाता है, से आकर इस मुकाम को हासिल कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। पवन राणे ग्राम बेसरकुंड, तहसील कसरावद, जिला खरगोन से हैं। पवन ने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और समर्पण से यह सफलता पाई है। साथ ही अभिषेक सोलंकी धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम पाडल्या (पोस्ट बाग) के रहने वाले है। अभिषेक ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार के सहयोग और इंदौर स्थित आदिवासी हॉस्टल कैंपस को दिया है। उनका यह प्रयास यह दर्शाता है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। इन युवाओं की सफलता यह सिद्ध करती है कि समर्पण और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवारों बल्कि उनके क्षेत्रों के लिए भी गर्व का विषय है। हॉस्टल प्रशासन, प्रशिक्षकों, और साथी छात्रों ने इन चयनित छात्रों को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।