संवाददाता, देवेंद्र सिंह भिलाला दिनांक,28/02/2025 जिला राजगढ़/मध्यप्रदेश
पचोर/गौ-माता आज दर-दर भटक रही है कोई सूद लेने वाला नहीं है जिम्मेदार लोग अनदेखी करते हैं | जबकि राजगढ़ जिले में 125 से ज्यादा गौशालाऐ बनी हुई है लेकिन गो-माताऐ रोड पर बैठी हुई मिलेगी आपको हर जगह | चारे के नाम पर गो कूड़ा कचरा, पन्नी खा रही है उसे खाकर बीमार पड़ रही है, मर रही है | आज चारों ओर बीजेपी की सरकार है उसके बाद भी गौ माताएं दर-दर भटक रही है आखिर कब सुनेगी मोहन सरकार इन गाइयों को लेकर | सरकार ने चुनाव के टाइम बड़े-बड़े वादे किए थे कहां गए वो वादे, कहां गई वे कसमे गो करे पुकार | भूखी प्यासी आखिर जाए तो कहां जाएं | खड़ी फसल के डर से गाँव वाले शहर कि और भगा रहे हैं,शहर में यह गौ-माताऐ क्या खाएं कूड़ा कचरा या पन्नी |
कब मोहन सरकार की बंसी बाजेगी और गो-माता की दुर्दशा सुधरेगा |
इनकी दुर्दशा के जिम्मेदार हम सभी भी हैं गांव में जंगल बचा नहीं है, अगर बचा है तो पूंजीपतियों ने उन पर कब्जा कर रखा है | शहर बढ़ता जा रहा है गांव छोटे होते जा रहे हैं | कारण जमीने काम होती जा रही है जनसंख्या बढ़ती जा रही है इस विषय पर सरकार को ध्यान देना चाहिए |